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Thursday, November 17, 2011

रिश्वत लेते सीएमएचओ, दो सिपाही और उपखण्ड अघिकारी गिरफ्तार!


40 हजार की रिश्वत लेते सीएमएचओ डा. प्रेमरतन बाल्मीकि गिरफ्तार 
-स्त्रोत : पत्रिका, 10.१०.११   
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार सुबह बीकानेर के सीएमएचओ और एक दलाल को 40 हजार रूपए की 
रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीएमएचओ ने नर्सिगहोम के मालिक से अल्ट्रासाउंड जांच के मामले में नया लाइसेंस जारी करने के एवज में घूस मांगी थी। 
ब्यूरो के अन्य दल ने सीएमएचओ के बीकानेर सहित अन्य ठिकानों की तलाशी भी शुरू कर दी है। तलाशी में ब्यूरो की टीम को कुछ कागजात हाथ लगे हैं, जिनकी गहराई से पड़ताल की जा रही है। ब्यूरो के महानिदेशक अजीत सिंह ने बताया कि परिवादी अरूण कपूर का बीकानेर में नर्सिग होम है। कपूर ने नर्सिग होम में अल्ट्रसाउंड की जांच के लाइसेंस के लिए बीकानेर सीएमएचओ कार्यालय में इस वष्ाü जुलाई में आवेदन दिया था। 
बताया जाता है कि बीकानेर सीएमएचओ डा. प्रेमरतन बाल्मीकि ने लाइसेंस जारी करने के एवज में पचास हजार रूपए की रिश्वत मांगी। दलाल अब्दुल गफ्फार भाटी ने कपूर से मुलाकात कर सौदा चालीस हजार रूपए में तय किया। परिवादी कपूर ने ब्यूरो में शिकायत की। ब्यूरो के बीकानेर शाखा के एएसपी रवि गौड़ ने मामले का सत्यापन कर मंगलवाल को डा. वाल्मीकि और उसके दलाल अब्दुल को चालीस हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।-स्त्रोत : पत्रिका, 10.१०.११ 

घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए दो सिपाही
लखनऊ। सरोजनीनगर थाने में घूस लेने के मामले को अभी लोग भूले भी नहीं थे कि रविवार तड़के दो ट्रैफिक सिपाहियों की करतूत ने वर्दी को फिर दागदार बना दिया। शहीद पथ के पास ट्रक चालक से घूस लेते दो सिपाहियों को एसपी ट्रैफिक ने रंगे हाथ पकड़ लिया। सादी वर्दी में ये सिपाही खुद को फंसता देख मोरंग का खरीददार बन एसपी ट्रैफिक से ही उलझने के बाद भाग निकले। बाद में डीआईजी ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
एसपी ट्रैफिक साधना गोस्वामी के मुताबिक, कई दिनों से एक निजी वाहन से भोर में ट्रैफिक सिपाहियों की निगरानी में लगी थीं। तड़के करीब साढ़े चार बजे बाराबिरवा, हरदोई रिंग रोड होते हुए शहीद पथ के पास पहुंची। इसी दौरान मोड़ पर बाइक सवार दो ट्रैफिक सिपाहियों ने एक मोरंग लदी ट्रक को रोका और चालक की खिड़की पर लटक कर कुछ बात करने लगा। शक होने पर गनर के साथ नजदीक पहुंची। सिपाही चालक को धमका रहे थे, जब उनसे पूछा गया तो वह हड़बड़ा गए और बोले कि वह मोरंग खरीदने की बात कर रहे हैं। एसपी ट्रैफिक ने हमीरपुर निवासी चालक को उतारा और शिकायत दर्ज कराने की बात कही। हालांकि, चालक ने शिकायत दर्ज कराने की बात से इंकार कर दिया। इस पर एसपी ट्रैफिक ने दोनों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर डीआईजी को रिपोर्ट भेजी। देर रात डीआईजी ने दोनों आरोपी सिपाहियों को निलंबित कर दिया। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि दोनों सिपाहियों की लंबे समय से शिकायत आ रही थी।
फंस चुके हैं एसओ समेत पांच पुलिसकर्मी
सरोजनीनगर में घूसखोरी के मामले में एसओ सरोजनीनगर समेत पांच पुलिसकर्मी फंस चुके हैं। इनके खिलाफ सरोजनीनगर थाने में मुकदमा भी लिखाया गया है। इन पर सड़क हादसे के मामले में थाने लाए गए लोगों को धमकाकर दस हजार रुपये वसूलने के आरोप का है। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई है। स्त्रोत : अमर उजाला १०.१०.११

पाली जिले के रोहट उपखण्ड अघिकारी चूनाराम व उनके रीडर मोहम्मद उमर को 30 हजार रूपए की घूस लेते गिरफ्तार
स्त्रोत : प्रेस नोट . इन ०१.११.११ 
जोधपुर । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को पाली जिले के रोहट उपखण्ड अघिकारी चूनाराम व उनके रीडर मोहम्मद उमर को 30 हजार रूपए की घूस के मामले में गिरफ्तार किया। कृषि भूमि का आवासीय रूपान्तरण करने के बदले यह रिश्वत ली गई। इस कार्रवाई के बाद ब्यूरो ने दोनों के घरों की तलाशी शुरू कर दी। 
ब्यूरो उप महानिरीक्षक संजीब कुमार नार्जारी के अनुसार जाखण (जोधपुर)निवासी भंवरसिंह पुत्र खुमाणसिंह ने गत 21 अक्टूबर को ब्यूरो की सिरोही चौकी में लिखित शिकायत पेश की थी। इसमें बताया गया कि उसके परिचत ओमाराम, रपू देवी, समूड़ी देवी तथा बींजाराम की कृषि भूमि रोहट तहसील के नीमली पटेलान गांव में है। 
उक्त चारों ने इसे आवासीय भूमि में रूपान्तरित करवाने के लिए उसे पावर ऑफ एटोर्नी दी है। इसके लिए वह रोहट उपखण्ड अघिकारी के रीडर मोहम्मद उमर से मिला तो उसने 60 हजार रूपए मांगे। इस दौरान उसने रीडर को 10 हजार रूपए दे दिए। 
सत्यापन के दौरान 30 हजार रूपए में सौदा तय हुआ। आज दोपहर परिवादी एसडीएम कार्यालय गया। वहां परिवादी ने कोर्ट के गेट के बाहर से खड़े रीडर मोहम्मद उमर को 30 हजार रूपए दे दिए। रीडर ने यह राशि जेब में डाली और एसडीएम को मोबाइल पर इसकी सूचना दी। इस पर एसडीएम ने रीडर को यह राशि उसके पास ही रखने को कहा। 
घूस लेने के बाद रीडर परिवादी की कार में बैठकर रवाना हुआ और पचास मीटर की दूरी पर जाकर उतर गया। बाद में वह एडवोकेट मानदास वैष्णव की मोटर साइकिल पर बैठ गया और एसडीएम कोर्ट की ओर रवाना हुआ। उसने रास्ते में रिश्वत राशि वैष्णव की जेब में डाल दी। 
रास्ते में एसीबी की टीम ने मोटर साइकिल रोककर तलाशी ली और वैष्णव की जेब से रिश्वत राशि बरामद की। इस बारे के बाद वैष्णव ने एसीबी को बताया कि वह इस राशि के बारे नहीं जानता तथा रीडर ने चुपके से उसके जेब में यह पैसे रखे। इसके बाद एसीबी ने एसडीएम व रीडर को गिरफ्तार कर लिया। स्त्रोत : प्रेस नोट . इन ०१.११.११ 

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